सहेली ने कॉलबॉय से गांड चुत चुदवा दी- 2

रंडी की चुदाई / जिगोलोBy नताशा कुलकर्णी14 MIN
Advertisement
भाभी की 3X चुदाई कहानी में उसके पति का लंड खड़ा नहीं होता था. तो भाभी की सहेली ने उसे एक जिगोलो यानी एक कॉलबॉय से मिलवाया. उसके बड़े लंड से भाभी की चूत गांड कैसे फटी? दोस्तो, मैं नताशा कुलकर्णी एक बार पुनः अपनी प्यासी चुत की चुदाई की कहानी का अगला भाग लेकर आपके सामने हाजिर हूँ. कहानी के पहले भाग नपुंसक पति से जिन्दगी बर्बाद हुई में अब तक आपने पढ़ा था कि अन्नू नामक एक काल ब्वॉय की सहचरी मेरे साथ लेस्बियन सेक्स कर रही थी ताकि मैं चुदाई के लिए एकदम से गर्म हो जाऊं. अब आगे भाभी की 3X चुदाई कहानी: मैं उस टाइम इतनी गर्म हो गई थी कि मेरी चूत लंड की बहुत डिमांड कर रही थी. तभी अन्नू नहा कर आया तो उसका लंड बिल्कुल लोहे की रॉड जैसा तना हुआ था. खैर … अन्नू के आते ही कृति मेरे ऊपर से हट गई लेकिन कृति ने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए. उसी पल रीमा ने झट से अन्नू का लंड अपने हाथ से पकड़ कर मेरी कोमल चूत के छेद पर रख दिया. अन्नू के लंड का सुपाड़ा भी फूल कर इतना बड़ा हो गया था कि मेरी चूत ढक गई. जैसे ही रीमा ने अन्नू का लंड पकड़ कर मेरी चूत के छेद पर रखा, वैसे ही अन्नू ने इतना जोरदार धक्का मारा कि उसका लंड मेरी चूत में सरसराता हुआ करीब 3 इंच तक घुस गया. मेरा मुँह कृति के मुँह से दबा हुआ था इसलिए मैं दर्द से सिर्फ गूँ गूँ करके रह गई. मेरी आखें दर्द से बाहर को आ गईं और मेरा पूरा शरीर दर्द से कांपने लगा और एकदम पसीने से भीग गया. उस बेदर्दी ने मुझ पर कोई रहम नहीं किया. वह अपने 3 इंच घुसे लौड़े से ही मेरी चूत को चोदने लगा और उसे धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा. साथ ही वह मेरे बूब्स को दबाने और चूसने लगा जिससे मुझे दर्द में थोड़ा आराम मिलने लगा. तभी अन्नू ने अपना लंड थोड़ा बाहर को खींचा तो उसके लंड पर मेरी चूत का खू/न लगा हुआ था. उसने वापस कई गुनी ताकत से दूसरा जोरदार धक्का लगा दिया. इससे उसका लंड मेरी चूत में भयंकर दर्द के साथ थोड़ा सा और अन्दर घुस गया. इस बार मैं दर्द को बर्दाश्त नहीं कर पाई और बेहोश हो गई. वह नहीं रुका. वह मेरे मुँह पर पानी मार मार कर मुझे होश में लाया. जब मैं होश में आई तो मुझे उसकी दोनों गोलियां मेरी गांड से टकरा रही थीं और उसका लंड मेरी बच्चेदानी के पास महसूस हो रहा था. मुझे अब भी बहुत दर्द हो रहा था. अब अन्नू उसी पोजीशन में रुका हुआ था कृति भी मेरे मुँह को छोड़ चुकी थी. वह मेरे एक दूध को चूस रही थी और दूसरे को दबा रही थी. अन्नू का लंड मेरी चूत में जड़ तक घुसा हुआ था और वह पलंग से नीचे खड़ा था और रीमा के बूब्स चूस रहा था. कुछ देर रुकने के बाद पहले तो उसने धीरे धीरे लंड को अन्दर बाहर किया. इधर कृति के मेरे बूब्स चूसने से मेरा दर्द थोड़ा थोड़ा ठंडा पड़ने लगा और दर्द मजा में बदलने लगा. उधर अन्नू ने अपनी स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी. अन्नू के चोदने का अंदाज़ इतना मस्त था कि वह हर धक्के में अपने लंड को चूत से पूरा बाहर खींचता (सुपाड़ा ही अन्दर रहता) और फिर से पूरा लंड पेल देता, जिससे उसके लंड का सुपाड़ा मेरे जी स्पॉट से रगड़ करता हुआ मेरी चूत में अन्दर बाहर हो रहा था. मुझे बहुत मजा आ रहा था. अब मुझे उसका बड़ा और मोटा लंड उस टाइम ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कि उसका बड़ा और मोटा लंड ना हो कर कोई नार्मल साइज का लंड हो गया है. उसके लौड़े से चुदवाने में मुझे बहुत मजा आ रहा था. दस मिनट बाद ही मेरा शरीर अकड़ने लगा और मैं झड़ गई. अन्नू ने करीब पूरी चुदाई के दौरान करीब 6 पोजीशन बदली और उसने हर पोजीशन में मुझे झड़ाया. लेकिन वह 5 पोजीशनों में लगातार चोदने के बाद भी झड़ने का नाम नहीं ले रहा था. छठी पोजीशन में भी करीब 20 मिनट बाद मेरे कान में बोला- नताशा मेरा होने वाला है … बताओ मैं अपना वीर्य कहां निकालूँ? मैंने कहा- आप अपना वीर्य मेरी चूत में ही निकाल दो. मैं आपके वीर्य को अपनी चूत में ही महसूस करना चाहती हूँ. कुछ ही तेज़ धक्कों के साथ ही उसने 7-8 लम्बी लम्बी गर्म पिचकारियां मेरे गर्भाशय के पास छोड़ दीं. दोस्तो, मैं उस अहसास को शब्दों में बयां नहीं कर सकती, मुझे इतना मजा आया था. इस अहसास को वे शादीशुदा बहनें ही महसूस कर सकती हैं, जिन्होंने अपने पति का वीर्य अपनी चूत में डलवाया हो. उसके लंड से जब वीर्य की एक एक बूँद निचुड़ गई, तो वह मेरे से करीब 5 मिनट तक चिपका रहा. मैंने महसूस किया कि उसका लंड चूत के अन्दर बिल्कुल भी मुरझाया नहीं बल्कि उतना ही सख्त था. हम दोनों करीब 15 मिनट तक ऐसे ही एक दूसरे से चिपके बिस्तर पर पड़े हुए थे. अन्नू का मेरी चूत में जड़ तक घुसा हुआ था और सबसे मजे की बात ये थी कि उसके वीर्य की एक बूँद भी बाहर नहीं टपकी थी. कुछ मिनट बाद फिर से उसने अपना लंड अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. उसने पहले धीरे धीरे, फिर तेज तेज धक्के लगाए … जिससे मुझे असीम मजा मिलने लगा. उसने मुझे फिर से 6 पोजीशनों में अलग अलग प्रकार से चोदा और हर पोजीशन में मुझे झड़ाया. इस बार उसे झड़ने में पहले से बहुत ज्यादा टाइम लगा. इतना मजा दोस्तो, मुझे पहली बार नसीब हुआ था. अन्नू के झड़ने के 5 मिनट बाद वह मेरे ऊपर से हट कर अलग हुआ. मुझसे पहले ही उसकी असिस्टेंट रीमा ने कहा था- सर एक बार चढ़ जाएं, तो उतरने का पता नहीं होता कि वह कब उतरें … उसने ये बिल्कुल सही कहा था. दोस्तो, दूसरे राउंड में मेरी चूत चोदने के बाद उसने अपना वीर्य फिर से मेरे गर्भाशय के समीप छोड़ा. फिर जैसे ही उसने अपना लंड मेरी चूत से निकला तो उसके लंड पर मेरी चूत का खू/न लगा था. उसका लंड पूरा मेरी चूत के खू/न और मेरे पानी से भीगा हुआ था और उसके वीर्य की एक भी बूँद बाहर नहीं टपकी थी. उसका सारा वीर्य मेरी चूत अन्दर ही अन्दर सोख गई. करीब 10 मिनट बाद मेरे पेट में ऐसी जलन और बेचैनी हुई जैसे कि मेरे पेट में आग लग गई हो. मेरी चुदाई का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ. करीब दस मिनट तक वह मुझे चूमता चाटता रहा. अन्नू मुझसे बोला- नताशा मैं तुम्हारी गांड मारना चाहता हूँ. गांड का नाम सुनकर मैं ऊपर से नीचे तक कांप गई. अगर छोटा और पतला लंड होता तो मैं अपनी गांड खुशी खुशी मरवा लेती लेकिन अन्नू का लंड काफ़ी बड़ा और बहुत मोटा था. जिस लंड को चूत में लेना भी हर एक के लिए मुश्किल था, तो गांड तो अपने आप में बहुत टाइट होती है. इतना बड़ा और मोटा लंड गांड में लेने की सोचना भी मेरे लिए एक मौत के खेल के सामान था. इसलिए मेरी गांड मरवाने की हिम्मत नहीं हुई लेकिन उस बेदर्दी को किसी के दर्द से कोई मतलब नहीं था. वह मेरा विश्वास दिखाने के लिए मान गया लेकिन उसे मेरी गांड हर हालत में मारनी थी. उसने मुझसे कहा- चलो कोई बात नहीं एक बार फिर से चूत मार लेता हूँ. बस इस बार तुम शुरू से ही डॉगी पोजीशन में हो जाओ. उसने इशारे से रीमा को बुलाया और मेरी आंखों पर पट्टी बंधवा कर रीमा से अपने लंड पर तेल लगवाया. उसने मुझे कस कर जकड़ लिया. तभी रीमा ने अन्नू का लंड पकड़ा और मेरी गांड से एक इंच दूर रखा. तभी अन्नू ने एक जोरदार धक्का मारा, जिससे उसका लंड मेरी गांड को चीरता हुआ करीब आधा घुस गया. मेरी जोर की चीख निकल गई लेकिन मैं उसकी जकड़ में ऐसी फँसी हुई थी कि हिल भी नहीं सकती थी. दोस्तो, आप में से जिस जिस ने भी, खास कर उन बहनों ने बड़े और मोटे लंड से गांड मरवाई होगी … वे मेरे दर्द को महसूस कर रही होंगी कि गांड में जब बड़ा और मोटा लंड घुसता है तो कितना भयंकर दर्द होता है? अगर उसकी जकड़ मजबूत नहीं होती तो निश्चित ही मैं उससे छूटकर अलग हो जाती और कभी अपनी गांड नहीं मरवाती. लेकिन क्या करूँ मैं उसकी जकड़ में ऐसी फँसी थी कि हिल भी नहीं सकती थी … बस दर्द से छटपटा सकती थी … चीख सकती थी. वह बेदर्दी मेरी गांड में अपना लंड आगे पीछे करके धकापेल पेले जा रहा था. दोस्तो, मुझे बहुत जोर से दर्द हो रहा था लेकिन उसका लंड पूरे आधे घंटे तक मेरी गांड में आगे पीछे होता रहा और मुझे थोड़ा सा आराम तब मिला, जब उसकी गर्म गर्म पिचकारियां मेरी गांड के अंतिम छोर पर गिरीं. लेकिन तब तक उसने अपना लंड मेरी गांड से बाहर नहीं निकाला जब तक उसके वीर्य की एक एक बूँद नहीं निचुड़ गई. जब वह मुझसे अलग हुआ तो मेरी गांड काफ़ी हद तक खुल गई थी. उसका लंड गांड से निकलने के बाद भी एकदम तना हुआ खड़ा था और उसके लंड पर मेरी टट्टी लग गई थी. वह बाथरूम में अपना लंड साफ करने के लिए घुस गया. वहां उसने अपने लंड को साफ किया लेकिन फिर भी उसका लंड बैठा नहीं बल्कि खड़ा का खड़ा ही रहा. अन्नू ने बाहर आकर मुझे अपना लंड दिखा कर कहा कि देखो नताशा मेरा लंड अभी बैठा नहीं है इसलिए तुमको एक राउंड और मेरे लौड़े से अपनी चूत मरवानी पड़ेगी. जब मैंने घड़ी देखी तो दोपहर के 4 बज रहे थे. मैंने मना करते हुआ कहा- तुम्हारा लंड लड़की के ऊपर चढ़ने के बाद जल्दी झड़ता नहीं है, तुम बहुत टाइम लगाते हो! वह हंस कर बोला कि अब जल्दी झड़ जाऊंगा … प्लीज एक राउंड और चुद लो! मैंने कहा कि अन्नू एक शर्त पर ही मैं ये राउंड चुदूँगी! वह बोला- क्या शर्त है तुम्हारी? तो मैंने कहा- तुम मेरे ऊपर नहीं आओगे, मैं तुम्हारे ऊपर रहूँगी. अगर तुमको मेरी शर्त मंजूर हो तो ही तुम मुझे चोदो! अन्नू बोला- ठीक है जैसा तुम चाहो. अन्नू ने तुरन्त ही मुझे गर्म करना शुरू कर दिया और मेरे गर्म होते ही वह पलंग पर लेट गया और मैं उसके ऊपर चढ़ गई. मैंने उसके लंड को अपने हाथ से पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर रखा और बैठ गई. चूत खुली होने की वजह से फच्च से मेरी चूत में पूरा जड़ तक घुस गया और मैं उसके ऊपर कूदने लगी. उसके लंड के नीचे लटकने वाली दोनों गोलियां भी मेरी चूत के होंठों से टकरा रही थी और मैं जन्नत की सैर करते हुए उसके लंड पर कूद रही थी. वह मजे से नीचे लेटा हुआ था इसलिए मैं भाभी की 3X चुदाई से थकने लगी थी. कुछ देर के लिए मैं रुक गई. फिर जैसे ही मैं उसके ऊपर से हटी तो पक्क से उसका लंड मेरी चूत से निकल कर हिलने लगा. इधर मैं थोड़ी देर के लिए अपनी चूत से अन्नू का लंड निकाल कर अन्नू के ऊपर थोड़ा झुक गई, जिससे मेरे बूब्स उसके मुँह में जा सकें. बूब्स चुसवाते टाइम मेरी चूत में फिर से कुलबुलाहट होने लगी. इस बार मैंने अन्नू की तरफ मुँह करके लंड अपनी चूत में डाल लिया और कूदने लगी. जब घड़ी की तरफ निगाह गई तो 5.30 बज गए थे मतलब मैं अन्नू के ऊपर 1.30 घंटे से कूद रही थी. अन्नू मुझसे बोला कि नताशा मेरा बीज निकलने वाला है और तुम मेरे ऊपर रहोगी तो मेरा सारा बीज तुम्हारी चूत से बहन टपकने लगेगा. मैं उसके वीर्य को किसी भी तरह बाहर नहीं टपकाना चाहती थी. मैं चाहती थी उसका वीर्य मेरी चूत में ही रहे. ये सोच कर मैं करवट लेकर अन्नू के नीचे आ गई और वह मेरे ऊपर आ गया. उसने करीब 10-12 तेज तेज धक्के लगाए होंगे कि उसके लंड ने गर्भाशय के पास 8-10 जोरदार गर्म गर्म पिचकारियां छोड़ीं और धम्म से मेरे ऊपर ही पसर गया. उसने अपना लंड तब तक मेरी चूत से बाहर नहीं निकाला, जब तक उसके लंड से वीर्य की एक एक बूँद नहीं निचुड़ गई. जब उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाला, तब भी मेरी चूत से एक भी बूँद बाहर नहीं टपकी. उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाल कर मेरे मुँह के सामने कर दिया, ताकि मैं उसके लंड को चाट कर साफ कर सकूँ. मैं उसके इशारे को झट से समझ गई और मैंने उसके सिकुड़े लंड को तुरन्त ही अपने मुँह में ले लिया. दस मिनट ही मैंने उसका लंड चूसा होगा कि मेरा मुँह दर्द करने लगा. तभी उसके लंड ने मेरे मुँह में अपना गर्म गर्म माल छोड़ दिया. एक बात मेरी समझ में नहीं आई, तो मैंने अन्नू से पूछ ही ली- तुमने 2 राउंड चूत में और एक राउंड गांड में अपना लंड डाला, तब तुम्हारा वीर्य बहुत देर में निकला … और एक राउंड लास्ट में चूत में डाला तो तब कुछ जल्दी निकाल दिया. मेरे मुँह में अपना लंड डाला तो तुम्हारे लंड ने 10 मिनट में पिचकारी छोड़ दी … ये क्या सिस्टम है समझ नहीं आया? अन्नू बोला- ये मेरी खासियत है … यह मेरे ऊपर डिपेंड करता है कि मैं अपना बीज कितनी देर में निकालूँ. अगर मैं चाहता तो तुम्हारी चीखें निकाल सकता था लेकिन नहीं मैं तुमको सुबह से चोद रहा हूँ … तुम भी थक गई होंगी ये ही सोचकर मैंने अपना बीज जल्दी निकाल दिया. लास्ट में उसने मुझसे कहा- नताशा भाभी मैंने तुम्हारे गर्भ में बच्चा डाल दिया है अगर तुम बच्चा चाहो तो गर्भनिरोधक गोली मत खाना और अगर बच्चा ना चाहो तो बेशक़ खा लेना. मैंने खुश होकर कहा- सच अन्नू? क्या तुमने मुझे प्रेग्नेंट कर दिया है तो मैं इस बच्चे को जन्म ज़रूर दूंगी. अन्नू बोला- भाभी देख लेना तुमको 100% लड़का ही होगा और यदि ऐसा हुआ तो तुमको मुझे अपना दूध जरूर जरूर पिलाना पड़ेगा. मैं मुस्कुरा दी और उसके सीने से लग गई. तो दोस्तो, यह थी मेरी सच्ची सेक्स कहानी. बताइए कि आप लोगों को कैसी लगी? आप लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दीजिएगा. मैं कोई प्रोफेशनल लेखिका नहीं हूँ मैंने तो सिर्फ वह ही लिखने की कोशिश की है जो जो मेरे साथ अन्नू ने किया. ये मेरी पहली सेक्स कहानी है इसलिए अगर मैंने भाभी की 3X चुदाई कहानी लिखने में कुछ गलतियां कर दी हों तो प्लीज नादान समझ कर माफ़ कर देना. natashakulkarniagra@gmail.com
#इंडियन भाभी#कामवासना#कामुकता#गैर मर्द#देसी भाभी#बड़ा लंड#लंड चुसाई#हॉट सेक्स स्टोरी
Advertisement