भैया की सलहज और साली की चुदाई

रिश्तों में चुदाईBy प्रदीप भदौरिया15 MIN
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2 चूत डबल सेक्स कहानी में भी की ससुराल में शादी में मैं भी गया था. वहां उनके साले की पत्नी ने मुझे अपनी जवानी का जलवा दिखाया और अपनी चूत मुझे पेश कर दी. दोस्तो, मेरा नाम कपिल है. मैं दिल्ली में रहता हूँ और जॉब करता हूँ. मैं बहुत ही हैंडसम और अच्छा दिखता हूँ. यह 2 चूत डबल सेक्स कहानी उस समय की है जब मैं जॉब से छुट्टी लेकर गांव गया हुआ था. मेरे भैया की ससुराल में एक शादी थी. भैया के साले की शादी हो चुकी थी और एक बच्चा भी था. उनकी बीवी बहुत मस्त दिखने वाली महिला थी, उम्र करीब 34 साल रही होगी. मैं भैया और भाभी के साथ वहां पहुंचा तो उनके परिवार में शादी थी. उनके परिवार वालों का घर थोड़ा दूर था. मैं वहां पहुंचा तो सभी लोग मिलने आए. भी की सलहज भी आई. मैं अकेला कमरे में बैठा था. भैया की सलहज यानि भाभी आई और मेरे पैर छूने लगी. मैंने मना किया क्योंकि वह उम्र में मुझसे बड़ी थी. वह बोली- हमारे यहां तो पैर छूते हैं. मैं बोला- नहीं, आप बड़ी हो! तो वह बोली- अच्छा तो गले ही लगा लो! मैं सामान्य भाव से बोला- हां ये ठीक है. वह मेरे गले से लग गई. उस वक्त तक मुझे कोई अंदाजा नहीं था कि वह क्या चाहती है. मुझसे गले लगती हुई वह अपनी चूचियां मुझसे रगड़ रही थी और छोड़ नहीं रही थी. वह मुझे पूरे 5 मिनट तक चिपकी रही. मैं सोच में पड़ गया. तब तक भैया की साली साहिबा आ गई. साली साहिबा का नाम प्रिया था. वह हम दोनों को चिपकी हुई हालत में देख कर एकदम से बाहर चली गई. फिर भाभी भी मुझसे अलग हुई और बाथरूम में चली गई. जहां मैं बैठा था, वहां से बाथरूम साफ दिखाई दे रहा था. वह बाथरूम में गई और अपनी पैंटी उतार दी. उसने मेरी तरफ देखते हुए वहीं पर पैंटी डाल दी और मुस्कुराकर चली गई. इसे पहले भी जब मैं आया था, तब भी उसने मेरे सामने पैंटी उतार दी थी और मुझे दिखाते हुए बाथरूम में डाली थी. भाभी के हस्बैंड की उम्र ज्यादा थी और वे गांव में रहने वाले ठेठ देहाती आदमी थे. शाम हुई तो मेरे दिमाग में वही चलने लगा. मंडप का दिन था. सब लोग शाम में खाना खाने शादी वाले घर जाने लगे. मैं भी तैयार हो गया. मैं जिस कमरे में तैयार हो रहा था, उसी में भाभी आई. मैं बोला- आप नहीं जा रही हो क्या? वह तैयार नहीं थी तो बोली- नहीं, आज बड़ी मुश्किल से मौका मिला है, उसे जाने नहीं दे सकती! मैं बोला- मतलब? वह बोली- मतलब जानना है तो जल्दी खाना खाकर घर आ जाना. बाकी के सब लोग तो 12 बजे तक वहीं रुकेंगे. मैं समझ गया कि आज तो ये मूड में है. वह मुझे देख कर मुस्कुराती हुई चली गई. अब मेरा भी जाने का मन नहीं हो रहा था. सब लोग बोले- चलो. तो मैं चला तो गया पर मैंने जल्दी जल्दी में खाना खाया और भैया से बोला- मुझे ठीक नहीं लग रहा, मैं घर जा रहा हूँ. इतना कह कर मैं वहां से घर आ गया. उधर आया तो देखा कि भाभी कमरे में तैयार हो रही थी. मैंने बाहर से आवाज दी- आ जाऊं क्या अन्दर? वह बोली- हां आ जाओ. मैं बोला- आप तो खाना खाने जाने वाली नहीं थीं, तो तैयार क्यों हो रही हो? वह बोली- क्यों? मैं तैयार होकर अच्छी नहीं लग रही? मैं बोला- अरे आप तो वैसे भी प्यारी लगती हो. वह बोली- अच्छा .. प्यारी लगती हूँ? मैं बोला- हां. वह मुस्कुरा दी. फिर मैंने उससे पूछा- वह क्या कह रही थीं आप कि क्या मौका मिला है आपको? तो वह बोली- हां आपसे मिलने का मौका मिला है! मैं बोला- मतलब? वह बिंदास बोली- आप पर मरती हूँ .. मैं प्यार करती हूँ आपसे! मैं बोला- आप तो शादीशुदा हो … फिर भी! वह बोली- क्यों … शादीशुदा प्यार नहीं कर सकती क्या? इतना कह कर वह मेरे करीब आकर मुझसे चिपक गई और रोने लगी. मैं बोला- क्या हुआ? तो वह बोली- मेरा हस्बैंड बिल्कुल भी रोमांटिक नहीं है … ना सेक्स करता है और ना ही प्यार करता है. मैं फंस गई हूँ यहां शादी करके! मैं बोला- पहले आप चुप हो जाओ. मैंने उसको चुप कराया और बेड पर बैठा दिया. वह बोली- आप भी मुझे नोटिस ही नहीं करते … मैं कब से आप पर लाइन मार रही हूँ. मैं बोला- कब से? वह बोली- जब भी आप आते हो, तो मैं आपके सामने पैंटी उतारती हूँ. आपको देख कर मेरी पैंटी गीली हो जाती है. आप कुछ समझे ही नहीं, इसलिए मैंने ही बोल दिया. मैं चुप रहा. वह बोली- आज आप मुझे प्यार करो. इतना कह कर वह मुझे किस करने लगी. मैं बोला- अरे कोई आ जाएगा! वह बोली- कोई नहीं आएगा. अगर कोई आएगा तो मेरे पास फोन आ जाएगा. मैंने अपनी छोटी ननद प्रिया को सब बता दिया है. वह वहां सबको देखती रहेगी. अगर कोई आएगा तो वह बता देगी. ये सुनकर मैं उस पर टूट पड़ा. जोर जोर से किस करने लगा और उसके ब्लाउज के हुक खोल दिए. उसने भी मेरी शर्ट उतार दी. मैंने उसके पेटीकोट का नाड़ा खोला और नीचे गिरा दिया. उधर उसने ब्लाउज उतार दिया. हाय क्या मस्त चूचियां थीं … एकदम गोल 34 साइज की चूचियां उसके काली ब्रा में मस्त दिख रही थीं. उसने अब मेरा पेंट उतारा और नीचे बैठकर चड्डी नीचे उतार दी. मेरा लंड सामने आ गया तो उसने झट से मेरे लौड़े को अपने मुँह में ले लिया. वह लंड चूसती हुई बोली- मुझे ये चूसना बहुत पसंद है, पर मेरा चूतिया हस्बैंड बोलता है कि ये सब गंदा काम है. तो मैं बोला- हां वह तुम्हें रोमांस नहीं करता है न! वह बोली- हां यार, बस सीधा आता है, मेरी साड़ी ऊपर करके मेरी चड्डी को तरफ सरका कर लंड डाल देता है. चलो लंड डाला भी तो कुछ देर तो चोदना चाहिए … लेकिन नहीं … बस 5 मिनट में झड़ जाता है और अलग होकर सो जाता है. मेरी तो प्यास ही नहीं बुझती. मैंने कहा- फिर? ‘फिर अपनी चूत में उंगली डाल कर मैं खुद को शांत करती हूँ. कभी-कभी तो मेरी ननद है ना, मैं उसके साथ लेस्बियन सेक्स कर लेती हूँ. हम दोनों की बहुत पटती है.’ मैं समझ गया कि इसके बाद उसकी चुत भी मिलेगी. तभी उसने खुद ही अपनी साली के लिए भी कह दिया. भाभी बोली- प्रिया भी कह रही है कि जीजा जी के भी तैयार हो जाएं तो मुझे भी उनके साथ चुदाई करनी है, इसी लिए तो वह मेरा साथ देती है. मेरे मन में तो लड्डू फूटने लगे थे कि एक पर एक चूत फ्री मिलेगी. तभी उसने मेरे लौड़े की वाट लगानी शुरू कर दी. अब तो वह और जोर-जोर से मेरे लंड को अपने मुँह में गहराई तक लेने लगी थी और मेरे टट्टों को सहलाती हुई मुझे उत्तेजित करने में जरा सी भी कसर नहीं छोड़ रही थी. फिर मैंने उनको उठाया तो वह किस करने लगी. मैंने उसकी ब्रा और पैंटी उतार दी. वह समझ गई कि अब चुदाई होगी इसलिए वह बेड पर चित लेट गई और बोली- मुझे चूत चटवाना बहुत अच्छा लगता है, आप चाटोगे क्या? मैं बोला- जो आप बोलो यार, आज तो वह सब होगा. उसने मुस्कुरा कर चुत पसार दी और अपने हाथ से चुत को सहलाती हुई बोली- तो आ जाओ न! मैं उसकी चूत पर टूट पड़ा. क्या गुलाब की तरह थी उसकी बुर … मस्त रसभरी. मैं बोला- आप तो एकदम नई चूत की मालकिन हो. वह बोली- साल भर तो ये बाहर रहते हैं, बस उंगली ही जाती है इसमें … तो नई ही रहेगी न! मैं उसकी चुत को चाटने लगा. वह मेरे सर को दबाती हुई चुत मेरे मुँह में देने लगी .. साथ ही वह ‘उह्ह्ह … आअह्ह्ह …’ करने लगी. मैंने कहा- मजा आ रहा है? ‘आह मेरे राजा मजा आ गया आज तो .. खा लो इसे मेरी जान आआह्ह्ह…’ मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैं खड़ा हुआ और मैंने पोजीशन सैट करके अपना लंड उसकी चूत पर रख कर एकदम से अन्दर डाल दिया. वह चिल्ला पड़ी- आह मर गई … आराम से करो … तुमको ही चोदना है अब इसे … जल्दी क्या है! मैं चोदने लगा. वह अपनी कमर उठाने के साथ-साथ ऐसे प्यार कर रही थी … जैसे बरसों की प्यासी हो. फिर कुछ देर बाद वह बोली- रुको मुझे ऊपर आने दो. उसने मेरा लंड चूत में डाल लिया और उछल-उछल कर मेरे लंड को चोदने लगी. तभी उसके फोन पर फोन आया. यह उसकी ननद प्रिया का था. उसने उठाया और हैंडफ्री कर दिया. वह बोली- बोल मेरी जान! प्रिया बोली- भाभी, बात बनी क्या? वह बोली- हां मैं इनके लंड की सवारी कर रही हूँ, तुझे भी कराऊंगी, बहुत मजेदार लंड है! वह बोली- अभी आ जाऊं? वह बोली- नहीं, रात में सब सो जाएं तब … अभी मुझे मजा कर लेने दे! वह बोली- ठीक. फोन कट गया और उसने फिर से चुदाई चालू कर दी. फिर मैंने उसको घोड़ी बना कर चोदा. ऐसा लग रहा था कि बस चोदते रहो. कुछ देर बाद वह और मैं साथ में झड़ गए. वह बोली- अभी रात में हम दोनों … प्रिया और मैं ऊपर वाले कमरे में सोएंगी और मैंने आपकी चारपाई भी कमरे के बाहर वाली छत पर लगवा दी है. बाकी सब बाहर सोयेंगे. मैं आपको जगा कर कमरे ले आऊंगी. मैं अपने लिए लगाए गए बिस्तर पर लेट गया और भाभी के बुलाए जाने का इंतज़ार करते-करते सो गया. थोड़ी देर बाद मुझे महसूस हुआ कि कोई मेरी चारपाई पर है. मैं सोने का नाटक कर रहा था. मैं समझ लिया था कि भाभी और प्रिया दोनों मेरे अगल-बगल में आ गई थी और उन दोनों ने सिर्फ ब्रा और पैंटी पहनी थी. कुछ देर बाद प्रिया बोली- भाभी, आप तो मजे ले चुके हो. अभी मुझे क्यों नंगी कर दिया … वे क्या सोचेंगे? वह बोली- कुछ नहीं सोचेंगे, मैंने उनको सब बता दिया है. भाभी ने यह कह कर धीरे से मेरी चड्डी उतार दी. मैं वैसे भी सिर्फ चड्डी पहन कर सोता हूँ, उस दिन तो खास तौर से मैंने चड्डी के अलावा और कुछ नहीं पहना था. चड्डी हटी तो उसने मेरा लंड पकड़ा और प्रिया से बोली- देखो है न मस्त लौड़ा … लो पी लो इस गन्ने का रस! प्रिया ने अपने मुँह में मेरा लंड भर लिया और चूसती हुई बोली- भाभी, ये तो काफी बड़ा लंड है, मेरी चूत ना फट जाए! वह बोली- तेरी चूत को मैं चाट-चाट कर ढीली और चिकनी कर दूँगी यार, तू टेंशन ना ले. इतने में मैं जग गया और उन दोनों को देखने लगा. भाभी बोली- राजा जी, आपकी दो-दो रानी आ गईं … आज चुदाई का पर्व है. जितना चोद सको, उतना चोद लो. मैंने प्रिया को देखा. उसने मुझे देखा और हंसने लगी. फिर बोली- अच्छा लग रहा है आपको … या और कुछ करूँ? भाभी बोली- तू इनका लंड चूस और मैं उनसे अपनी चूत चटवाती हूँ. यह बोल कर भाभी ने मेरे सर की तरफ से आकर मेरे मुँह पर अपनी चूत रख दी. क्या पल था दोस्तो, ये सब सिर्फ सपनों में हो सकता था. प्रिया सामने से आ गई और अपनी चूचियों में लंड दबा कर ऊपर-नीचे कर रही थी और मैं भाभी की चूचियां दबा-दबा कर चुत को रगड़ कर चूस रहा था. फिर मैंने कहा- भाभी, मुझे प्रिया को चोदने दो न! वह हट कर बोली- संभाल के राजा जी, पहली बार चुद रही है. वह अभी तक सिर्फ चूत चटाई और उंगली से काम चला रही है. सील पैक माल है आपकी साली! मैं खुश होता हुआ बोला- आप टेंशन ना लो … बड़े प्यार से चोदूंगा, आपकी तरह! भाभी बोली- ओके, कमरे में चलो. मैंने प्रिया को अपनी बांहों में उठाया और कमरे में ले आया. भाभी भी सारे कपड़े उठा कर अन्दर आ गई और गेट बंद कर दिया. मैंने प्रिया को बेड पर लिटाया. तब तक भाभी आकर उसकी चूत चाटने लगी और बोली- चिकनी कर दूँ ताकि तुझे लौड़ा लेने में दर्द ना हो! प्रिया अपनी आंखें बंद करके ‘आहाह्ह … उहाह्ह्ह …’ की आवाज कर रही थी. कुछ देर बाद भाभी ने मेरा लंड मुँह में लिया, गीला किया और प्रिया की चूत पर रख दिया. भाभी बोली- लो चोद दो इसे आज … इसकी बहुत ख्वाहिश है लंड लेने की! जैसे ही मैंने प्रिया की चुत में लंड अन्दर डाला, वह चिल्ला उठी. भाभी झट से उसके मुँह पर बैठ गई और बोली- मजा ले तू मेरी चूत चाट … और लंड के मजे ले ले मेरी बुर चोदी ननद रानी! कुछ देर के दर्द के बाद प्रिया की चुत की चुदाई चालू हो गई. थोड़ी देर में प्रिया झड़ गई. तो भाभी बोली- अब मेरा नंबर. वह टांग फैला कर रंडी के जैसे लेट गई. मैंने लंड उसकी चूत पर रखा और अन्दर डाला. वह बोली- राजा जी, अब तो आपके बिना नहीं रहेंगी हम दोनों, आप यहीं रहो या हमको ले चलो. प्रिया बोली- मेरे राजा, हम दोनों साथ में मिल कर आपको खूब मजे देंगी. आप हमको ऐसे ही चोदते रहना बस! मेरे लौड़े से भाभी चुद रही थी. फिर मैंने अपनी उंगली बगल में लेटी प्रिया की चूत में डाल दी. मैं उन दोनों को बारी बारी से चोद रहा था. वे दोनों मेरे लौड़े से चुदाई के बहुत मजे ले रही थीं. इसी तरह रात में दो बार 2 चूत डबल सेक्स हुआ और हम तीनों नंगे एक बेड पर सो गए. वे दोनों मुझसे दोनों तरफ से चिपक गईं. सुबह कब हो गई, पता नहीं चला. भाभी सुबह जल्दी जाग गई. उसने मुझे जगाया और प्रिया को भी. वह बोली- उठो यार, सुबह के 6 बज गए हैं … जल्दी से जागो और एक एक राउंड और पेल दो … बहुत जी कर रहा है. प्रिया सो रही थी. भाभी ने मेरा लंड मुँह में लेकर खड़ा कर दिया और अपनी चूत पर लगा कर बोली- राजा जल्दी करो, प्रिया को फुर्सत में चोद लेना, वह देरी से जागती है. मैं सीढ़ी का गेट बंद कर दूँगी. आप मजे से अपनी साली को चोद लेना. मैंने भाभी को खूब पेला. फिर उसे घोड़ी बना कर पीछे से लंड चुत में डाल दिया. वह दर्द से कराह कर बोली- गलत जगह है … आह लग रही है! मैं उसके दोनों दूध मसलता हुआ बोला- जहां जा रहा है … जाने दो! आज नहीं तो कल गांड तो मारनी ही थी. वह बोली- आह ठीक है राजा जी … ये भी कर लो. मैंने उसको चोद चोद कर उसका मन भर दिया. वह बोली- मुझे तुम्हारे लौड़े का रस पीना है. मैं जब झड़ने को हुआ तो मैंने उसको पिला दिया. वह लंड रस पी कर उठी, साड़ी पहनी और मुझे किस किया. फिर उसने प्रिया की चूत पर किस किया और उंगली डाल दी. वह प्रिया को जगाती हुई बोली- एक बार और मजा ले लो जल्दी से … और नीचे आ जाना. प्रिया जाग गई और मुझे देख कर खुश हो गई. वह मुझे किस करके मेरे ऊपर आकर बैठ गई और बोली- मेरी चूत भी चाटो न … आप बहुत मस्त चाटते हो! मैं लग गया. फिर उसने बताया कि मैं और भाभी रात में एक दूसरे की चूत चाट-चाट कर और उंगली करके ही सोती हैं. भैया तो बाहर रहते हैं. मैंने उसकी चुत चाटने के बाद चुदाई की. फिर वह भी कपड़े पहन कर नीचे जाने लगी. मैं बोला- रुको … जरा इधर आओ! वह आई तो मैंने उसे किस किया. वह बोली- मैं भी किसी चीज का शुक्रिया करना चाहती हूँ! मैं बोला- किसका? वह बोली- आपके लंड का … ये मेरे लिए पहला औजार है! उसने लंड पर किस किया और नीचे चली गई. तबसे जब भी मैं छुट्टी पर आता हूँ, तो उनके यहां जरूर जाता हूँ और हम तीनों साथ में चोदम चुदाई कर मजा करते हैं. दोस्तो, यह मेरी सच्ची 2 चूत डबल सेक्स कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं. pradeepbhadauriya4@gmail.com लेखक की पिछली कहानी थी: प्यासी मकान मालिकन भाभी को चोदा
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