मम्मी को बना दिया बीवी

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मेरे परिवार में सब कुछ अच्छा चल रहा था लेकिन एक बार एक दुर्घटना में मेरे पापा चल बसे. उसके बाद मेरी शादी हुई तो बीवी से झगड़ा हो गया तो वह भी चली गई .

12वीं कक्षा पास करने के बाद में अपने पापा के साथ अपनी दुकान पर बैठने लगा . जयपुर के एक मार्केट में हमारे कपड़े की बर्हुत बड़ी दुकान थी. हम घर में तीन लोग रहते थे मैं मम्मी और पापा . 22 साल का होते ही मेरी शादी तय हो गई और हमारे परिवार पर ईश्वर की बहुत बड़ी कृपा थी सब कुछ अच्छा चल रहा था कि तभी एक रास्ते में दुर्घटना के कारण मेरे पापा चल बसे. उसके कुछ महीने बाद मेरी शादी थी .जब मेरे रिश्तेदारों ने बोला की शादी ताली नहीं चाहिए तो हमने सादगी से मेरी शादी की .

मेरी पत्नी अनु काफी खूबसूरत और दिखने में बहुत अच्छी और गोरी थी जिसके साथ मैं अपने आप को बहुत सौभाग्यवंत समझने लगा मेरी अनु ने मुझे सुहागरात को जन्नत के दीदार कर दिए साली के तीन महीने तक मैंने अन्नू की जमकर चुदाई की.

फिर भाग्य में एक और बाधा आ गई एक मामूली से बात पर अनु और मम्मी की बहुत बड़ी लड़ाई हो गई और अनु अपने मायके चली गई और उनके पापा ने हमारा तलाक कर लिया और तलाक की नोटिस भेज दी . उसके बाद मेरा दिन तो दुकान पर कट जाता था लेकिन रात को जब मैं सोने जाता था तब अनु की याद बहुत आती थी और मेरा लैंड तन तानने लगता था लगभग रोज ही मुठ मार कर अपने लंड को शांत करने लगा .

नसीब में फिर एक बार करवट ले कुछ ऐसा हुआ की इतवार का दिन था और दुकान बंद होने के कारण मैं घर पर ही था सुबह के घर में काम खत्म कर लगभग 10:00 बजे मम्मी नहाने चले गए और मैं टीवी देख रहा था

जब मेरी मम्मी के फोन की रिंग बजी और जब मैं फोन उठाया उससे पहले ही घंटी बंद हो गई तो मैंने देखा जया आंटी का फोन आया था.

जयाआंटी और मम्मी दोनों बचपन से दोस्त थे और जया आंटी मुंबई रहते थे . जया आंटी के मिस कॉल के साथ मुझे उनके व्हाट्सएप मैसेज भी दिखाई दिए तो मैंने व्हाट्सएप खोल लिया व्हाट्सएप के खोलते ही मेरी आंखें फटी की फटी रह गई . जया आंटी मम्मी को सेक्स की क्लिप भेजती थी और यह सिलसिला सालों से चल रहा था यह सारी चुदाई की क्लिप देखकर मेरा लैंड टाइट हो गया.

तभी मेरी मम्मी नहाकर आई . अब मम्मी मुझे मम्मी नहीं बल्कि चुदाई करने का एक मौका देखने लगी.

जब मैं मम्मी को चुदाई की नजर से देखा तो पाया कि 5 फीट 7 इंच की हाइट ,गोरा चिट्टा रंग और बड़ा बदन, मस्त चूचियां ,और मोटे चूतड़. चुदाई के लिए और क्या चाहिए ?

मम्मी कमरे में चली गई और मैं चुदाई की सोच में उलझ गया मैं मम्मी के कमरे में पहुंचा तो वह पेटिकोट और ब्लाउज पहने हुए ड्रेसिंग टेबल के सामने अपना बाल सवार रही थी. शीशे में देखा की मम्मी की चूचियां और चूतारो मेरा दिमाग खराब कर दिया तब मन में आया कि यही पर गिरा कर चोद दूं लेकिन मेरी हिम्मत नहीं थी.

मैं थोड़ा धीरज से काम लेना चाहता था इसीलिए मैं मम्मी को फिल्म दिखाने के लिए राजी कर लिया. हम लोग दोपहर का खाना घर से खाकर निकले और रात को डिनर करके आएंगे .यह हमने तय किया.

फिल्म के बीच में मैंने हीरोइन को देखकर मम्मी से कहा- "मोम आप भी इस हीरोइन की तरह हॉट है. मम्मी ने चौंकते हुए गुस्से से कहा -"मेरी तरह ?"

फिर मैं हंसते हुए कहा - "ओह सॉरी आपसे काम" और हम दोनों हंस दिए.

फिल्म खत्म होने के बाद हम होटल में गए और वहां खाना खाकर अपने घर आ गए .

कपड़े चेंज करके मम्मी सोने जा रही थी तब मैंने कहा -"मोम दो कमरे में रात भर A.C चलता है क्यों ना हम एक ही कमरे में सोए?"

मॉम एक ही कमरे में सोने के लिए मान गई. तो हम दोनों मेरे बेडरूम में सो गए.

मुझे पूरी रात नींद ही नहीं आई. जब मम्मी पेशाब करने के लिए बाथरूम गई और मैं बाथरूम में उनका पेशाब करने की कल्पना से अपने लंड को सहलाता रहा.

3 दिन तक ऐसा ही रहा चौथे दिन जब आधी रात को मैं पेशाब करने के लिए उठा तो मम्मी गहरी नींद में सो रही थी. और कमरे में एक लाइट हम जलाकर सोने की आदत है.

मैं बाथरुम जाकर लौटा तो मम्मी का बदन देखने लगा. उनको देखकर मेरी आंखों में नशा बढ़ने लगा.घुटनों तक उठे हुए कपड़ों से मम्मी की गोरी गोरी टांगें देखकर उनके चूत के बारे में सोचते सोचते मेरा लंड खड़ा हो गया.

मम्मी की जांघें देखने के लिए मैं घुटनों के बल बैठा और गाउन उचक्कर अंदर देखा की मम्मी ने पैन्टी नहीं पहनी थी और उनकी चिकनी चूत देखकर अंदाजा लगा कि दो-चार दिन पहले ही मम्मी ने अपने चूत के बाल साफ किए थे .

मैंने सोचा कि क्यों ना मम्मी की चूतर पर लंड रगड़ कर पानी निकाला जाए? ऐसा सोचकर मैं मम्मी के बगल में लेट गया. मम्मी अपनी बाई और करवट लेकर सोई हुई थी और मैं उनके पीछे था और खड़ा हुआ मेरा लैंड चुटरों से सटा दिया और लंड को सेट करते हुए मम्मी के चूतड़ों के बीच के होल से रगड़ने लगा.

जब मैं लैंड रगड़ रहा था तब मेरा पूरा शरीर बेकाबू हो गया था तभी मेरी मम्मी के शरीर में हलचल हुई और शायद वह जाग गई थी. तब मैं नींद का बहाना बनाते हुए सोने का नाटक करने लगा.

फिर मम्मी उठी और बाथरूम की ओर चली गई मुझे लगा कि वह पेशाब करने गए होगी लेकिन थोड़ी देर बाद मम्मी बाथरूम से निकली और कमरे की लाइट बंद करके फिर से अपनी भाई और करवट लेकर सो गई .

थोड़ी देर तक कुछ हलचल नहीं हुई.फिर मुझे लगा की मम्मी सो गई तो मैंने धीरे से अपना लंड अपनी लोअर से बाहर निकाला और इस बार लाइट भी बंद थी तो मेरा कॉन्फिडेंस बहुत ज्यादा था तो फिर एक और बार मैंने मम्मी के चुटरों के बीच मेरा लैंड रगड़ने लगा.अब मैं धीरे-धीरे मम्मी का गाउन ऊपर करने लगा और लंड को चूतड़ के और नजदीक लाने लगा.

फिर मेरा हरामी मन कहीं ठहरता नहीं जब नंगी चूतड़ों पर लैंड रगड़ा. तो मेरे मन में आया की मम्मी तो सो रही है क्यों ना यह लैंड एक बार चूतड़ों की चुम्मी हो जाए तो मजा आजाए. यही सोचकर मैंने अपना लंड चूतड़ों के बीच किस करते हुए चूत तक पहुंचाने की कोशिश करने लगा.

तभी मेरे भाग्य ने पलटी मारी और मम्मीने भी. करवट में सो रही मम्मी एकदम सीधी हो गई और अपनी टांगे चोरी कर दी और मेरा लंड अपनी मुट्ठी में पकड़ कर मुझे अपने ऊपर आने का इशारा किया.

मैं मौका लेकर मम्मी के ऊपर चढ़ गया और मेरा मासूम सा लैंड मम्मी की चूत में पेल दिया. मम्मी की चूत काफी गीली हो चुकी थी और जल्दबाजी में मैंने डिस्चार्ज कर दिया.मेरे लंड से निकला गरम पानी मम्मी की चूत में भर गया था. फिर मैंने अपना लंड मम्मी के कपड़े से पोछा और चुपचाप सो गया.

सुबह मम्मी रसोई में थी और मैं नहा कर तैयार होकर नाश्ता करके दुकान चला गया. रात को जब घर लौटा तो हाथ मुंह धो कर खाना खाया और चुपचाप टीवी देख रहा था. तब मम्मी से नजर मिलाने की हिम्मत नहीं हो रही थी और मम्मी भी मुझसे नजर चुरा रही थी. जो होना था वह हो चुका था क्या ही हो सकता था.कुछ देर बाद टीवी देखने के बाद मैं अपने बेडरूम में चला गया और सोने की तैयारी कर रहा था तब 11:30 बज चुके थे फिर वही हुआ जिस बात का मुझे डर था मम्मी मेरे बेडरूम में नहीं आई.

तब अचानक से मम्मी का मेरे मोबाइल पर फोन आया और मुझे पूछा -"नींद नहीं आ रही है ना ? आ जाओ मेरे बेडरूम में, मैं तुम्हारी दुल्हन बनाकर तुम्हारा इंतजार कर रही हूं."

जब मैं मम्मी के बेडरूम में पहुंचा, तो मैं चौंक गया देखकर की मम्मी ने फूलों से बेड सजाया हुआ था. और लाल साड़ी पहन कर बैठी थी. फिर मैंने मम्मी का चेहरा देखने के लिए घूंघट उठाया तो मेरी आंख के फटी की फटी रह गई .पूरे मेकअप में मम्मी एक हीरोइन को भी मात दे रही थी. मम्मी का हाथ अपने हाथों में लेकर मैं चुम्मा चुम्मी करने लगा और बोला -"आई लव यू" ,मम्मी कुछ नहीं बोली.

मम्मी का घूंघट हटाकर उनके माथे को चुम्मा और उनके होठों पर अपने होंठ रख दिए और मम्मी को अपने आलिंगन में लेकर उनकी चुटिया फ्लेट हुए मैंने पूछा -"क्या मैं आपको डार्लिंग कह सकता हूं". तब उन्होंने कहा "हां मेरी जान ,मेरा राजा ".

फिर मैं उनकी सारी उतरी , फिर पेटिकोट और ब्लाउज उतारा उन्होंने ब्लैक कलर की ब्रा पहनी हुई थी .और उसमें वह ज्यादा गोरी लग रही थी तब मैं अपने शर्ट उतारकर बालों से अपनी भरी छाती पर मम्मी को सटकर मैंने अपना हाथ मम्मी की पेंटी पर रख दिया और उनकी पैंटी के ऊपर मम्मी की चूत सहलाते हुए उनके होठो को चूसने लगा कुछ देर बाद मैं उनकी ब्रा भी उतार दी . और 22 24 साल के अंतराल के बाद आज फिर मम्मी की चूची मेरे मुंह में आ गई. उनकी पैंटी पर हाथ फेरते फिरते मैं पेटी भी उतार दी और मम्मी ने आज ही अपनी चूत सेव की थी और उनकी चूत पर हाथ फेरते फिरते मैंने अपनी उंगली मम्मी की चूत में डाल दी तो मम्मी नजाकत से चिहुँक उठी. मैंने मम्मी की चूत के होठों को खोलकर अपने हॉट उस पर रख दिए और उनका अपनी जीभ मम्मी की चूत में फिरने लगा जीभ की चोंच बनाकर मम्मी की चूत के अंदर डाला तो मम्मी ने मेरा लंड अपनी मुट्ठी में दबोच लिया और फुर्ती से मेरा लोअर नीचे किसका दिया अब मैं मम्मी की चूत चाट रहा था और मम्मी मेरा लैंड सहला रही थी.

जब मेरा लैंड एकदम कड़क हो गया और मम्मी की चूत अच्छी तरह से गीली हो गई तो मैं एक तकिया मम्मी की चुटरों के नीचे रखा और उनकी टांगों के बीच में आ गया.

मम्मी की चूत के लबों को खोलकर अपने लैंड का सुपड़ा मम्मी की चूत के मुख्य द्वार पर सेट करके आगे की और झुका. और मम्मी के चूची अपने दोनों हाथों से पकड़ कर चूसने लगा तब मम्मी ने चूतड़ उचक्कर जाहिर कर दिया कि वह चुदवाने के लिए तैयार है. और मम्मी की चूची चूसते चूसते अपना लंड मम्मी की चूत में धक्का मारने लगा तो धीरे-धीरे पूरा लंड मम्मी की चूत में समा गया मम्मी की चूत कल की अपेक्षा आज टाइट लग रही थी या तो आज मेरा लैंड ज्यादा कड़क हुआ था या तो चूत के नीचे तकिया रखने से मेरी मम्मी का चूतड़ टाइट हो गया.

मेरा लैंड मम्मी की चूत के अंदर गया और मम्मी की चूची मेरे मुंह के अंदर.

मम्मी मेरे बालों में उंगलियां चलते हुए बोली :- "मेरा राजा ,मेरी जान ,मुझे डार्लिंग कहकर बुलाओ .मैं तुम्हारी डार्लिंग हूं, मुझे अश्लील भाषा में बात करो. मुझे चोदो मेरी चूत की धजिया उड़ा दो ,मेरी चूचीया नोक दो, मैं बरसों की प्यासी हूं ,तेरे पापा कुछ नहीं कर पाते थे मैं बहुत तड़पती हूं मुझे छोड़ो जमकर छोड़ो गंदी गंदी बातें सुनते हुए चोदो.

अपना लंड थोड़ा बाहर निकाल कर जोर से धक्का देकर मैंने मम्मी की दोनों चूचियां अपने मुट्ठी में डब्बोंश्ते हुए कहा" मेरी डार्लिंग ,मेरी जान ,मैं तुम्हें जमकर चोडूंगा ,मेरा लैंड जब अपनी रफ्तार पकड़ेगा तो तुम्हारी नाभि तक पहुंचा दूंगा .तुम मुझे चूँड़वाने के लिए ही पैदा हुई हो, और तुमने मुझे इसीलिए पैदा किया था कि मैं तुम्हारी चूत की आग बुझा सकूं.

इतना कहकर मैंने मम्मी की चूचीया छोड़ दी अब मम्मी की टांगे अपने कंधों पर रख ली. और अपना लंड मम्मी की चूत में अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. दो-तीन बार धीरे-धीरे करने के बाद जब दो-तीन साथ जोर से मारे तो मम्मी चिल्ला पड़ी . मैंने हंसते हुए कहा कि अब चिल्लाने से कुछ नहीं होगा चुदाई ऐसे ही होगी और रात भर होगी.

मैंने मम्मी को पालता कर घोड़ी बना लिया और उनके पीछे जाकर चूत का मुंह फैला कर अपने लैंड का सुपड़ा रख दिया दोनों हाथों से मम्मी की कमर पकड़ कर जोर से झटका मारकर पूरा लंड पेल दिया .

जब पानी निकालने का समय नजदीक आया तो , मम्मी के होंठ अपने होठों में दबाकर मैं लैंड की स्पीड बढ़ा दी और पानी निकालने के बाद कुछ देर तक मम्मी के ऊपर लेटा रहा , जब मैं हटा तो मम्मी बोली-"तुम लोटा भरकर डिस्चार्ज करते हो ,मेरी पूरी चूत भर गई .

उसी रात मैंने मम्मी को तीन बार चोदा ,अब यह रोज का काम हो गया है .

ऐसे ही यह सिलसिला चलता रहा और हम दोनों आज अकेले रहकर खुश है.

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