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अब्बु और भाई-2
हेल्लो अन्तरवासना के पाठकगण, मैं आपकी फ़ेवरेट आरज़ू। माफ़ी चाहती हूँ कि कल मैं अपनी कहानी पूरी नहीं कर पाई क्योंकि एक अरजेन्ट कॉल आया था सो आज मैं अपनी कहानी वहीं से दोबारा शुरू करती हूं जहां से अधूरी छोड़ी थी। जैसा कि म...
अब्बु और भाई-1
हेल्लो अन्तर्वासना के पाठकगण! कैसे हैं आप सब! इस बार रमज़ान की वजह से मैं नेट पर रेगुलर नहीं आ पा रही हूं। खैर! अब वक्त मिला है तो आप सबकी खिदमत में एक नई कहानी अर्ज है और आप सबके बहुत सारे मेल मिले। शुक्रिया मेरी कहानिय...
अब तो मेरी रोज़ गांड बजती है-5
आपका प्यारा सा सनी गांडू प्रणाम दोस्तो, कैसे हो सब…! पिछले भाग से आगे- शाम को भी उसका मूड बहुत मचला सा था। ऐसी-वैसी बात तो नहीं की, वैसे ही खुश था। उसने दो पैग लगाए और दो मैंने भी खींचे.. मुझे नशा होने लगा। उसके लिए दो प...
अब तो मेरी रोज़ गांड बजती है-4
आपका प्यारा सा सनी गांडू प्रणाम दोस्तो, कैसे हो सब…! पिछले भाग से आगे- मुझे लग रहा था कि वो मेरे नंगे जिस्म की तारीफ करते ही मुझ पर सवार हो जाएगा लेकिन वो झिझक रहा था। फिर क्या था उससे हिम्मत ही हुई नहीं और मैं अपने इराद...
अब तो मेरी रोज़ गांड बजती है-3
आपका प्यारा सा सनी गांडू प्रणाम दोस्तो, कैसे हो सब…! पिछले भाग से आगे- मुझे अब यकीन हो गया था कि प्रसाद ने उस दिन मुझे जिस अवस्था में देखा था उस दिन से शायद वो मेरा दीवाना हो चुका था। मैं चाहता था कि पहल उसकी तरफ से हो। ...
अब तो मेरी रोज़ गांड बजती है-2
आपका प्यारा सा सनी गांडू पिछले भाग से आगे- अंकल मुझे चोद कर अभी निकले ही थे, मैंने वाशरूम में अपनी गांड की सफाई की, लेकिन बैडशीट अस्त-व्यस्त थी, बदन पर सिर्फ नाम की एक फ्रेंची थी, वो भी काले रंग की जिसमें मेरा गोरा जिस्म...
अब तो मेरी रोज़ गांड बजती है-1
आपका प्यारा सा सनी गांडू प्रणाम दोस्तो, कैसे हो सब…! मैं भला चंगा और आजकल खुश हूँ खिला-खिला रहता हूँ, क्यूंकि अब तो मानो मैं किसी की बीवी बन चुका हूँ और पति की तरह मुझे रोज लंड मिलता है। मैंने जैसे बताया था कि मैंने अब ए...
अब प्यार न कर पाएँगे हम किसी से
सर्वप्रथम तो मैं आप सभी का आभार व्यक्त करना चाहूँगा कि आप सबने मेरी कहानियों को अन्तर्वासना के माध्यम से पसंद किया और मुझे आप सभी असंख्य पाठकों से सीधा जुड़ने का मौका मिला। अन्तर्वासना के माध्यम से मेरे बहुत से मित्र बन ग...
अबकी बार सुमन चाची की गाण्ड फाड़ी -2
अब तक आपने जाना था कि मैं सुमन चाची की मालिश कर रहा था। चूंकि मैंने अब तक उनकी गाण्ड नहीं मारी थी तो मेरा मन था कि आज सुमन चाची की गाण्ड बजा ली जाए और ये सोच कर मैंने पूछा- चाची क्या मैं तुम्हारी आज गांड मार लूँ? चाची एक...
अबकी बार सुमन चाची की गाण्ड फाड़ी -1
मेरी पहली कहानी चाची का सैक्स भरा प्यार पढ़ कर मुझे बहुत से लोगों के ईमेल आए व सभी ने मेरे हौसला बढ़ाया और मुझे और कहानियाँ लिखने के लिए प्रेरित किया। तो दोस्तो, आप सभी की इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए मैं अपनी अगली कहानी ...