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अजीब दास्ताँ है ये-4
कहानी का तीसरा भाग: अजीब दास्ताँ है ये-3 कितनी गजब की खूबसूरती थी उस लड़की में। जैसे कोई अप्सरा पड़ी हो मेरे सामने। मैंने उसके साथ लेट कर उसके सारे बदन को जहां जहां भी हो सकता था, चूमा। वो बोली- पापा, क्या चूमते ही रहोगे? ...
अजीब दास्ताँ है ये-3
कहानी का दूसरा भाग: अजीब दास्ताँ है ये-2 मैं बड़ी उलझन में फंस गया। जिस लड़की को मैं इतने दिन से चोदने के सपने देख रहा था, वो मेरे सामने बैठी थी और उसने अपनी तरफ से मुझे यह छूट भी दे दी थी कि मैं उसके साथ जो चाहे कर लूँ। म...
अजीब दास्ताँ है ये-2
कहानी का पहला भाग: अजीब दास्ताँ है ये-1 मैंने सोचा कि मैं उससे ही पूछता हूँ कि अगर वो मेरे साथ सेक्स करने को तैयार है तो मैं उसके पास जाऊंगा और उसे चोद दूँगा। भैनचोद मेरी बेटी थोड़े ही है; मेरे लिए तो सिर्फ एक फुद्दी है, ...
अजीब दास्ताँ है ये-1
दोस्तो, आज मैं आपको अपनी खुद की एक बहुत ही अजब गज़ब कहानी सुनाने जा रहा हूँ। हर इंसान की जीवन में बहुत सी घटनाएँ घटती हैं, जो उसके जीवन में उसे कई तरह के सबक देकर जाती हैं। मैं भी आपको आज अपने साथ घटी एक ऐसी ही घटना के बा...
ऐसी प्यारी भाभी सबको मिले-2
भाभी के साथ मस्ती की कहानी का पिछला भाग: ऐसी प्यारी भाभी सबको मिले-1 दोस्तो, एक बार मैं गर्मियों में रात को देर से सोया था तो सुबह जल्दी नहीं उठ पाया तो भाभी मुझे उठाने के लिए मेरे कमरे में आ गयी. भाभी ने मुझे आवाज़ लगाय...
ऐसी प्यारी भाभी सबको मिले-1
दोस्तो, नमस्कार कैसे हो आप सब लोग! मेरा नाम विपुल कुमार है. मैं उत्तर प्रदेश के एक शहर में रहता हूँ. मेरी उम्र 24 साल है और मैंने ग्रेजुएशन पूरी कर ली है. अभी मैं सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा हूँ। गोपनीयता के चलते मैं श...
ऐसी मौसी सब को मिले-4
‘बिल्कुल नंगे होकर खाना खाएं?’ ‘क्या, पागल हो क्या?’ ‘प्लीज़ मौसी!’ ‘चल ठीक है।’ वो मान गई। जितनी देर में वो खाना डाल के लाई, मैं बिल्कुल नंगा हो चुका था और लण्ड तन कर लोहा। मौसी पास आ के जब कपड़े उतारने लगी तो मैं बोला- म...
ऐसी मौसी सब को मिले-3
‘वो मेरा काम है, कल रात को तेरा उदघाटन करना है, यह समझ कल तेरी सुहागरात है।’ ‘कल क्यों?’ ‘कल तेरे मौसा समान लाने बाहर जा रहे हैं, 2 दिन बाद लौटेंगे।’ वो बोली। ‘तो दो दिन अपनी मौज है फिर तो?’ ‘बिल्कुल, खुल्ला खाओ नंगे नहा...
ऐसी मौसी सब को मिले-2
अगले दिन दोपहर को देखा कि मौसी तो पंजाबी सूट पहने हुये थी। मतलब अब मैं उनका ब्लाउज़ नहीं खोल सकता था, तो क्या मौसी को सब पता चल गया, मुझे बहुत ग्लानि हुई। अगले 3-4 रोज़ मैंने देखा कि मौसी हमेशा पंजाबी सूट ही पहनती थी और इस...
ऐसी मौसी सब को मिले-1
मेरा नाम विजय है, 24 बरस का हूँ। शहर में मेरी मौसी रहती थी, मौसाजी की किरयाने की दुकान थी, थोड़ा बहुत होलसेल का काम भी था। बाकी सब तो ठीक था पर मौसी के कोई औलाद नहीं थी, हम 4 भाई बहन थे, और मौसी हम सबसे बहुत प्यार करती थी...